बूढ़ी काकी – A story worth reading!

This is my one of the most favorite chapters in the history of forever. Grade 7 or 8, I’m not sure, but this story did wrench my heart.  बूढ़ी काकी मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित  1 बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुनरागमन हुआ करता है। बूढ़ी काकी में जिह्वा-स्वाद के सिवा और कोई चेष्टा शेष न थी … [Read more…]